मुँह स्वप्न का अर्थ

सपने की व्याख्या
सपने में मुँह देखना आमतौर पर मन की बात कह पाने की क्षमता से जुड़ा है। मुँह से ही शब्द निकलते हैं, भोजन भीतर जाता है और भावनाएँ भी झलकती हैं, इसलिए सपने में मुँह से जुड़ी कोई घटना अक्सर बताती है कि अपनी बात कह पाने को लेकर मन में कुछ चल रहा है।
मुँह बंद हो जाना और बोल न पाना
असल जीवन में कहीं आपको अपनी बात दबाकर रखनी पड़ रही है, चाहे डर से हो या मान बचाने के लिए।
मुँह से दाँत गिरना या कुछ अजीब निकल आना
यह सपना कई बार कोई शर्मिंदगी वाली बात कह बैठने की आशंका से आता है।
खुलकर हँसता हुआ बड़ा-सा मुँह देखना
भीतर ही भीतर खुशी जमा है, जो बाहर आने का इंतज़ार कर रही है।
बोलना जैसे ताकत देता है, वैसे ही चुप रहना भी कभी-कभी खुद को बचाने का एक तरीका होता है। होंठों के बीच से क्या बाहर आएगा और क्या भीतर रह जाएगा, यह फ़ैसला आखिर में आपका ही है।