प्रार्थना स्वप्न का अर्थ

सपने की व्याख्या
सपने में खुद को प्रार्थना करते देखना आम तौर पर मन की गहराई में जमी बेबसी और मदद की पुकार को सामने लाता है। हाथ जोड़कर या सिर झुकाकर प्रार्थना करने का यह दृश्य अक्सर तब आता है जब कोई स्थिति आपकी पहुँच से बाहर चली गई हो, और मन अपने आप किसी ऐसी शक्ति का सहारा ढूँढने लगे जो उससे बड़ी है। आप कैसे प्रार्थना कर रहे हैं और उसके बाद कैसा लग रहा है, ये दो बातें ही अर्थ तय करती हैं।
रो-रोकर व्याकुल होकर प्रार्थना करना
भीतर ही भीतर आपने कोई दुख या डर लंबे समय से दबा रखा है।
शांति से प्रार्थना करना
मन अब भरोसे की ऐसी जगह पहुँच गया है, जहाँ नतीजा जो भी हो, शांति बनी रहेगी।
सबके सामने प्रार्थना करना
यह समाज में मान्यता पाने की इच्छा की बात करता है।
अकेले एकांत में प्रार्थना करना
यह दृश्य किसी ऐसी निजी भावना की बात करता है, जिसे आप किसी के सामने नहीं लाना चाहते।
प्रार्थना के बाद मन में राहत आना
किसी दुविधा को लेकर मन का बोझ काफ़ी हल्का हो गया है।
प्रार्थना का जवाब न मिलने की निराशा रह जाना
किसी चीज़ का इंतज़ार करते-करते आप थक चुके हैं।
प्रार्थना असल में नियंत्रण छोड़ देने का भी एक रूप है, हर चीज़ अपने हाथ में रखने की कोशिश से कुछ देर की छुट्टी। यह सपना याद दिलाता है कि कभी-कभी कोशिश कर लेना ही काफ़ी होता है, बाकी समय के हाथ में छोड़ देना पड़ता है।