पसीना स्वप्न का अर्थ

सपने की व्याख्या
सपने में पसीने से भीग जाना आम तौर पर मेहनत या मानसिक दबाव का शारीरिक रूप है। जागते हुए जैसे कड़ी मेहनत के समय और घबराहट में भी शरीर से पसीना छूटता है, नींद में भी मन उसी एहसास को इसी तरह रूप देता है, खासकर जब आप किसी बात को लेकर भीतर ही भीतर काफ़ी दबाव महसूस कर रहे हों। आपको किस स्थिति में पसीना आ रहा है, अर्थ इसी पर निर्भर करता है।
दौड़-भाग और मेहनत के बाद पसीना आना
असल जीवन में भी आप किसी लक्ष्य की ओर लगातार कोशिश कर रहे हैं, और नतीजे से पहले यह मेहनत ज़रूरी है।
डर से पसीने-पसीने होकर नींद खुलना
यह अक्सर ऐसी स्थिति की बात करता है, जहाँ किसी बड़ी परीक्षा का, इंटरव्यू का, किसी अहम फ़ैसले का दबाव मन पर भारी पड़ा है।
दूसरों के सामने पसीने से तर हो जाना
यह लोगों के सामने शर्मिंदा होने के डर से जुड़ा है, खुद को कमज़ोर दिखाने के डर से भी।
पसीना जैसे शरीर से फ़ालतू गर्मी बाहर निकाल देता है, वैसे ही सपने का पसीना भी अक्सर मन में जमे दबाव के धीरे-धीरे बाहर निकलने का संकेत है। कठिन समय बीत जाए, तो तन और मन दोनों हल्के हो जाते हैं, और यह सपना उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है।