इब्न सिरीन

शङ्ख — इस्लामिक व्याख्या

सपने की व्याख्या

स्वप्न में क़यामत के दिन की तुरही की आवाज़ सुनना सत्य को सुनने का प्रतीक है। स्वप्न में फ़रिश्ता इस्राफ़ील (अलैहिस्सलाम) की तुरही में फूँक मारना नेक लोगों की मुक्ति का संकेत है। इस तुरही की आवाज़ भय उत्पन्न करती है और ऐसी ख़बरें लाती है जो लोगों के दिलों में कंपकंपी और घबराहट पैदा करती हैं। अगर कोई इसे अकेले सुनता है, तो ख़बरें विशेष रूप से उसके लिए होती हैं। अगर स्वप्न में हर कोई इसकी आवाज़ सुनता है, तो यह एक सार्वजनिक मामला है। अगर कोई स्वप्न में तुरही की आवाज़ सुनता है और मानता है कि हर किसी ने भी इसे सुना है, तो इसका मतलब है कि विपत्तियाँ और कठिनाइयाँ आने वाली हैं, क्योंकि पहली फूँक दुनिया के अंत और उसमें सभी की मृत्यु का संकेत देती है। दूसरी फूँक उनके पुनर्जीवित होने और जीवन में लौटने का संकेत देती है, जिसके बाद क़यामत के दिन के लिए महान सभा होगी।

अगर कोई बीमार व्यक्ति स्वप्न में पहली फूँक सुनता है, तो इसका मतलब है कि वह जल्द ही अपनी बीमारी से ठीक हो जाएगा। अगर शहर पर कोई विपत्ति आई है, तो स्वप्न में इसे सुनना लोगों की कठिनाइयों के समाप्त होने का संकेत है। अगर सूखा पड़ा है, तो यह समाप्त होगा और खाद्य पदार्थों की कीमतें सामान्य हो जाएंगी। अगर कोई स्वप्न में पुनर्जीवन की दूसरी फूँक सुनता है, तो इसका मतलब है समृद्धि, छुपी हुई चीज़ों का खुलासा, लंबे समय से छिपे रहस्यों का उजागर होना, बीमारी से ठीक होना, जेल से रिहाई, प्रियजनों का पुनर्मिलन, या उन लोगों से मिलना जो लंबी यात्रा से अभी लौटे हैं।

इमाम मुहम्मद इब्न सिरीन की Dictionary of Dreams According to Islamic Inner Traditions के अनुसार "Trumpet of Resurrection" (पृष्ठ 450).

ये व्याख्याएँ चिंतनशील और सांस्कृतिक हैं — भविष्यवाणी नहीं, और न ही कोई चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक, वित्तीय या पेशेवर सलाह।

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